{"product_id":"9781807150587","title":"नमकीन केसर","description":"प्रेम जब परिपक्व होता है, तो वह न तो मीठा रहता है, न ही कड़वा-वह नमकीन हो जाता है। \"नमकीन केसर\" 21 कविताओं की वह यात्रा है, जहाँ प्रेम केवल आकर्षण नहीं, बल्कि स्वीकार है; जहाँ वियोग भी सौंदर्य है, और मौन भी संवाद। यह संग्रह उन सभी के लिए है जिन्होंने प्रेम को खोया, पाया, निभाया या बस महसूस किया। जीवन की धूप-छाँव में भीगते हुए, यह कविताएँ पाठक के भीतर की स्मृतियों को सहलाती हैं-जैसे केसर की खुशबू, जो देर तक मन में बसी रहती है।","brand":"Dr Mita Sharma -Mitraasha","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026417025095,"sku":"9781807150587","price":180.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9781807150587_front.jpg?v=1785490605","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9781807150587","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}