{"product_id":"9781807151539","title":"मन् निहित","description":"\"मन् निहित\" केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक अंतर्यात्रा है—मन के उन कोनों की, जहाँ स्मृतियाँ, संवेदनाएँ, और विचार एक साथ साँस लेते हैं। यह संग्रह रिश्तों की ऊष्मा, प्रकृति की छटा, आत्मचिंतन की गहराई और सामाजिक संवाद की सजीव झलकियाँ प्रस्तुत करता है।\n\nहर कविता एक संवाद है—कभी स्वयं से, कभी समय से, और कभी उस मौन से, जो सब कह जाता है।  \nयहाँ शिव की स्तुति है, बचपन की स्मृति है, संघर्ष की पुकार है, और प्रेम की कोमलता भी।\n\n\"मन् निहित\" उन पाठकों के लिए है जो शब्दों में आत्मा की धड़कन सुनना चाहते हैं—जो कविता को केवल पढ़ते नहीं, जीते हैं।","brand":"मनीत","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026464440391,"sku":"9781807151539","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9781807151539_front.jpg?v=1785490790","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9781807151539","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}