{"product_id":"9781807154745","title":"मन के आईने में","description":"यह पुस्तक भावनाओं, अनुभवों और आत्मचिंतन की एक अनूठी यात्रा है।\nहर कविता जीवन के किसी न किसी क्षण से जन्मी है — कभी खुशियों की झिलमिलाहट में, तो कभी मन की नीरवता में।\nअंकिता मील ने अपनी लेखनी के माध्यम से उन भावों को स्वर दिया है, जिन्हें हम महसूस तो करते हैं, पर कह नहीं पाते।\n\nयह संग्रह केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि मानव हृदय की गहराइयों का दस्तावेज़ है।\nइन कविताओं में प्रेम है, संघर्ष है, जीवन की थकान और उम्मीद दोनों हैं।\nकभी ये शब्द सांत्वना देते हैं, कभी आईना बनकर आत्मा से सवाल करते हैं।\n\nहर पंक्ति में सादगी है, पर भावों की शक्ति अद्भुत है।\nयह पुस्तक उन सभी के लिए है जो शब्दों में संवेदना, जीवन में अर्थ और मौन में भी एक आवाज़ खोजते हैं।\n\n“यह पुस्तक पढ़ना, जैसे खुद के भीतर झाँकना।”","brand":"अंकिता मील","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026467225671,"sku":"9781807154745","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9781807154745_front.jpg?v=1785490846","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9781807154745","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}