{"product_id":"9781807158170","title":"रोशनी बनना,परछाई नहीं","description":"“रोशनी बनना, परछाई नहीं”— यह केवल एक शीर्षक नहीं, बल्कि एक पुकार है,एक दृष्टि है,एक संकल्प है,एक ठहराव है।\n\nजीवन की तेज़ रफ़्तार में हम अक्सर बाहरी दुनिया की कठोर वास्तविकताओं में उलझते-उलझते अपने भीतर की आवाज़ को सुनना भूल जाते हैं। दुनिया हमें जैसे देखना चाहती है, उसी रूप में ढलने की कोशिश में स्वयम् को कहीं खो देते हैं।\n \nयह पुस्तक एक छोटी-सी लौ है,जो भावों,अनुभवों और सूक्ष्म निरीक्षणों से बनी हुई है ।इसकी हर रचना एक दिशा दिखाती है—कहीं दर्पण बनकर तो कहीं एक सवाल बनकर और कहीं एक दीप, जो हमें अंधेरों से बाहर निकाल,हमारी खुद से पहचान कराती है।\n\nयदि यह पुस्तक आपके भीतर सोई हुई रोशनी को जगा दे और आपको अपने आप से एक कदम और जोड़ दे,तो मेरा लेखन सार्थक हो जाएगा ।\n\n“हकीकत से दूर ,दुनिया की परछाई ","brand":"वन्दना सूद","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026492915783,"sku":"9781807158170","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9781807158170_front.jpg?v=1785491472","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9781807158170","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}