{"product_id":"9781807158835","title":"हर कोना कुछ कहता है","description":"“कुछ विचार चुप नहीं रह पाए — उन्होंने कविताओं का रूप ले लिया।”\nयह कविता-संग्रह मेरे अनुभवों, अवलोकनों और जीवन की उन अनकही भावनाओं से जन्मा है, जिन्हें शब्दों में ढलने से राहत मिली। इस पुस्तक की हर कविता एक कहानी है — कहीं समाज को देखने का नया दृष्टिकोण, कहीं रिश्तों की सच्चाई, और कहीं उन भावनाओं की आवाज़ जिन्हें हम अक्सर अपने भीतर दबाकर रख देते हैं।\nकुछ पंक्तियाँ आपको सुकून देंगी, कुछ सोचने पर मजबूर करेंगी, और कुछ शायद किसी अनदेखी हकीकत से सामना करवाएँगी — पर हर शब्द दिल से निकला है और ईमानदारी से लिखा गया है। इन कविताओं में समुदाय चिकित्सा (Community Medicine) से जुड़े अनुभव भी शामिल हैं, जो समाज में जागरूकता, संवेदनशीलता और समझ को बढ़ाने की छोटी-सी कोशिश हैं। ","brand":"VAISHNAVI SHARMA","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026482495559,"sku":"9781807158835","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9781807158835_front.jpg?v=1785491260","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9781807158835","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}