{"product_id":"9789363308770","title":"प्रकृति से जिंदगी तक","description":"स्वयं स्वत: अंकुरित गीत है कविता।\nदिल की गहराइयों से निर्झर बह कर निकलती है कविता।\n\nमेरे कविता संग्रह का शीर्षक है \"प्रकृति से जिंदगी तक\"\n       \nइन कविताओं में प्रकृति के प्रति मेरे प्रेम की झलक दिखाई देगी, वहीं जिंदगी के खट्टे-मीठे अनुभवों की झलक भी दिखाई देगी। मन में आने वाले विचारों को लयबद्ध तरीके से रखने में मुझे आनंद आता है, और वही विचार कविता के रूप में कागज पर उतर जाते हैं। किसी वस्तु, व्यक्ति, प्रकृति, परिस्थिति को देखकर कभी कभी स्वत: ही मन में कुछ विचार आ जाते हैं और मैं उन विचारों को तुरंत शब्दों में बांधकर लिखना शुरू कर देती हूं।\n      \nइन्हीं विचारों से प्रेरित कविताओं का संग्रह इस किताब में प्रस्तुत कर रही हूं।","brand":"मनीषा कुलकर्णी","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43025697079367,"sku":"9789363308770","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789363308770_front.jpg?v=1785479170","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789363308770","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}