{"product_id":"9789369535828","title":"हम, तुम और ये जिंदगी","description":"\"क्या कभी ऐसा हुआ है कि मन भरा-भरा सा लगे, लेकिन शब्द न मिलें?\"\n\nयह किताब उन अनकही भावनाओं की आवाज़ है, जो आपके दिल में तो हैं, लेकिन ज़ुबान पर नहीं आ पातीं। जब ज़िंदगी बोझ लगे, जब खुद से दूर हो जाएँ, जब रिश्तों की उलझनें भारी पड़ने लगें—तब यह किताब आपको थाम लेगी।\n\nइंदूश्री ने मुश्किल हालात को कोमल कविताओं में पिरोया है, ताकि हर पन्ना आपको सुकून दे, हर शब्द आपको अपना सा लगे। यह सिर्फ़ कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक एहसास है—जो आपको खुद से फिर से जोड़ देगा।\n\nयह किताब सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, जीने के लिए है।","brand":"इंदूश्री","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43025883725895,"sku":"9789369535828","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789369535828_front.jpg?v=1785483499","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789369535828","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}