{"product_id":"9789370926837","title":"बस यूं ही","description":"दिल की कोई जुबान नहीं होती, पर उसके बाद भी वह हर पल कुछ ना कुछ बोलता रहता है, वह हमारे अंदर की भावनाओं को शब्द देने का प्रयास करते रहता है। जिंदगी हमेशा हमारे हिसाब से नहीं चलती। जिंदगी का अपना भी एक हिसाब होता है और यह हिसाब-किताब समय बीतने के साथ-साथ हर किसी को समझ में आने लगता है। इसके लिए किसी स्कूल में प्रवेश लेकर घंटों बैठकर किताबें पढ़ने की जरूरत नहीं होती। यह जो जिंदगी के अनुभव होते हैं, जो खुद में ही एक पाठशाला होते हैं। मेरी यह पुस्तक बस यूं ही, दिल की दिल से बातें में, मैंने यह प्रयास किया है कि हम गूढ़ विषयों पर अत्यधिक चिंतन मनन करके गंभीरता पूर्वक विचार व्यक्त करने की अपेक्षा यदि रोजमर्रा की जिंदगी में  सरल विषयों पर ध्यान केंद्रित कर सरलतापूर्वक जीवन व्यतीत कर सकते हैं\n","brand":"डा0 हरीश चंद्र जोशी","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026022498375,"sku":"9789370926837","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789370926837_front.jpg?v=1785487958","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789370926837","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}