{"product_id":"9789370929883","title":"कुछ लिख कर देखते हैं","description":"मनुष्य के दिमाग़ और दिल के बीच कई तरह की उलझने और विचार कौंधते रहते हैं| या तो उन उलझनों के बीच उलझा जाए या जो वो विचार हैं उनको एक ढाल बना कर, किसी काग़ज़ पे बस यूँ ही लिख दिया जाए| अच्छा या बुरा लगने की कोई बात उस लिखावट मे नहीं है| बस वो एक दिमागी उपज है, जो ना जाने कितनो के मन में आते होंगे, पर बेवजह ही मन-मस्तिष्कको कचोटते हैं| उन्ही विचारों की उपज है ये..एक वजह लिए बेवजह के ख़याल|","brand":"मधुप जुयाल","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026020139079,"sku":"9789370929883","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789370929883_front.jpg?v=1785487912","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789370929883","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}