{"product_id":"9789371564298","title":"फिर तुम्हारी हर एक बात में दम है","description":"\"दुनिया में हम आये है तो जीना ही पड़ेगा,कैसे भी हालात हो उनसे टकराना पड़ेगा\"\nमशहूर फ़िल्मीगीत कि पंक्तियों के साथ,मनीषा केशव अपने इस काव्य संग्रह में अपने आत्मा के प्रेरक बचन सुनाते हुए कहती है कि तुम अपनी सौम्य, शांत छबि प्रति प्रतिबद्ध होते हो किन्तु इस दुनिया में आवारा घुम रहे तलवार,तीर और कटाक्ष तुम्हें अविरत खलल पंहुचाते है. तुम्हें अपनी शांति को संयमित करते हुए उनसे जूजना पड़ता है.\nइन हालात में तुम हद से पार पीड़ा में डूब जाओगे किन्तु तुम्हारे भीतर जलते आक्रोश को तुम बुझने मत देना.वो उबलता आक्रोश तुम्हारे अस्तित्व को ऊँचाई देगा,एक दिन डर कि बाधा को तोड़ते हुए तुम सारी बेड़ियाँ तोड़कर आजाद हो जाओगे.\nयह तुम्हें करना ही होगा,अपने स्व सन्मान की खातिर.\nआभार.","brand":"Manisha Keshav","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026133188679,"sku":"9789371564298","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789371564298_front.jpg?v=1785488268","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789371564298","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}