{"product_id":"9789373141244","title":"ज़ीस्तनामा","description":"यह कविता-संग्रह हिंदुस्तानी भाषा में है। जब हिंदी की सुंदरता और सरलता, उर्दू के अदब-ओ-नज़ाकत  से मिलती हैं, तो दिल की बोली बन जाती है—और उसी बोली को हिंदुस्तानी कहा जाता है। लिपि देवनागरी है, लेकिन आप अक्सर उर्दू लफ़्ज़ों से भी रूबरू होंगे। आप घबराएँ नहीं; आपकी आसानी के लिए कठिन शब्दों के अर्थ साथ-साथ दिए गए हैं।\nइस संग्रह की रचनाओं को मैंने तीन भागों में बाँटा है।\nपहले भाग की कविताएँ अपनी तर्ज़ पर स्वयं बोलती हैं—इसलिए उनके बारे में मैं कुछ नहीं कहूँगी।\nदूसरे भाग में आज़ाद नज़्में और कविताएँ शामिल हैं, जो अलग-अलग भावों और एहसासों को छूती हैं; इनमें कुछ सामाजिक विषयों पर भी हैं।\nतीसरे भाग में चुनिंदा ग़ज़लें संकलित की गई हैं।","brand":"हमीदा हकीम","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026487148615,"sku":"9789373141244","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789373141244_front.jpg?v=1785491351","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789373141244","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}