{"product_id":"9789373147437","title":"जितना मैं समझ पाया","description":"यह कविता-संग्रह मेरी ज़िंदगी के उन लम्हों की अभिव्यक्ति है, जिन्हें मैंने महसूस किया, जिया और शब्दों में पिरोया। इन 21 कविताओं में भावनाओं की गंभीरता, आत्ममंथन, प्रेरणा और सच्चाई की झलक मिलेगी। कुछ पंक्तियाँ सवाल पूछती हैं, कुछ जवाब देती हैं — और कुछ बस चुपचाप साथ चलती हैं। मैंने कोशिश की है कि हर कविता पाठक से सीधे संवाद करे, दिल से दिल तक पहुँचे। यह संग्रह उनके लिए है जो शब्दों में सच्चाई ढूँढते हैं और कविता में अपने आप को पहचानते हैं।","brand":"आयुष श्रीवास्तव","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026254233671,"sku":"9789373147437","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789373147437_front.jpg?v=1785489418","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789373147437","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}