{"product_id":"9789375104414","title":"तपिश","description":"यह कविता-संग्रह उन भावनाओं की स्वर-ध्वनि है\nजिन्हें हम प्रायः महसूस तो करते हैं,\nपर शब्दों में ढाल नहीं पाते।\nमेरी दृष्टि में ये भाव\nमोती की माला के समान हैं—\nजिन्हें निरंतर आगे बढ़ने की जिजीविषा\nउस अदृश्य डोर की तरह\nआपस में संजोए हुए है।\n\nइन पंक्तियों में प्रेम है—\nजो केवल भावनाओं में पनपता नहीं,\nबल्कि शारीरिक स्पर्श की सीमाओं से आगे बढ़कर\nआत्मिक उन्मुक्ति की\nएक मौन अभिलाषा बन जाता है।\n\nयहाँ रात का सन्नाटा है—\nपर आकाश में खिला चाँद\nअब भी टिका हुआ है।\nयहाँ अनंत आकाश-सा इंतज़ार है—\nपर वह किसी भी सीमा में\nबँधा हुआ नहीं है।","brand":"शौर्य प्रजापति'तपिश'","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026515755079,"sku":"9789375104414","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789375104414_front.jpg?v=1785491856","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789375104414","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}