{"product_id":"9789375106838","title":"Ye Safarnama","description":"ये कविताएँ किसी किताब के इरादे से नहीं, बल्कि जीवन को समझने और उसे जीने की प्रक्रिया में अपने-आप लिखती चली गईं। ये उन पलों की भाषा हैं जो मन में ठहर नहीं पाए—ख़ामोशी में उभरे सवाल, भीतर और बाहर की यात्राएँ, असमंजस, गिरने, ठहरने और फिर से आगे बढ़ने के क्षण। इन कविताओं के ज़रिये इस सफ़र में आप कुछ दूर मेरे साथ चल सकते हैं। कोमलता और प्रतिरोध के बीच चलते हुए, ये कविताएँ स्वयं को, प्रकृति को और उस दुनिया को ध्यान से सुनती हैं जिसमें हम साँस लेते हैं। यह पुस्तक जिए गए पलों की भेंट है—अधूरी, सच्ची और गहराई से मानवीय।","brand":"Manushi Gupta","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026573262919,"sku":"9789375106838","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789375106838_front.jpg?v=1785491992","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789375106838","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}