{"product_id":"9789375271673","title":"मंथन","description":"सालों पहले जब पहली कविता लिखी गयी, तो 'मंथन' का बीज भी अंकुरित नहीं हुआ था। समय के साथ अलग-अलग परिस्थितियों, अनुभवों और भावनाओं ने नयी कविताओं को जन्म दिया, जो अब अंत में इस संग्रह में सम्मिलित हुई हैं। यह पुस्तक आपको एक ऐसी यात्रा पर ले जाती है, जिसमें आप कभी कड़कती धूप, कभी बरसती शाम, तो कभी ठंडी छाँव का अनुभव करते हैं। और अंत में जब यात्रा ख़त्म होती है तो आप स्वयं के ही एक दुसरे पहलु से मिल पाते हैं, जो प्रतिदिन की भाग-दौड़ में कहीं खो-सा जाता है। यही 'मंथन' का उद्देश्य भी है कि अपने खोये हुए पहलू को ढूँढा जाए और उसे जीवित रखा जाए। ","brand":"सौरभ कुमार","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026635817031,"sku":"9789375271673","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789375271673_front.jpg?v=1785493030","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789375271673","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}