{"product_id":"9789375273400","title":"आईना","description":"आईना: हर शहर, हर मंज़र, हर एहसास और रूह की अपनी दास्तान एक संवेदनशील कविता-संग्रह है, जो शहरों, यात्राओं और जीवन के भीतर चलती भावनात्मक हलचलों को शब्द देता है। इस संग्रह में गाँव की सादगी, महानगर की बेचैनी, बचपन की स्मृतियाँ, माँ और रिश्तों की नमी, प्रकृति के प्रतीक, सामाजिक दृष्टि और आत्मचिंतन—सब साथ-साथ चलते हैं। कविताएँ कभी बारिश, नदी और समंदर से संवाद करती हैं, तो कभी समय, तृष्णा और दृष्टिकोण पर प्रश्न उठाती हैं। यह पुस्तक पढ़ने से अधिक महसूस करने का अनुभव है—एक ऐसा आईना, जिसमें पाठक अपने ही जीवन की परछाईयाँ देख सकता है।","brand":"Jay Prakash Sahu","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026613665863,"sku":"9789375273400","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789375273400_front.jpg?v=1785492575","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789375273400","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}