{"product_id":"9789375437819","title":"अंतर्मन की झंकार","description":"जीवन की राह पर चलती हुई जिन कटु-तिक्त अनुभवों से समृद्ध हुई, आत्मा के राग का मधुपान किया, विराग से अकुलाई; गर्व-हर्ष-आनंद की सरिता में अवगाहन किया या निराशा एवं दुख के गह्वर में डूबी-उतराई:  --- उन सबसे लेखनी ने शब्दों एवं भावों का संसार रच दिया !! \nमेरी लेखनी को ऐसी गरिमामयी शक्ति प्रदान करने के लिए वीणापाणि माता सरस्वती का हृदय तल से अनंत आभार !!!","brand":"डॉ. पंकजवासिनी","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45836919373895,"sku":"9789375437819","price":2.63,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789375437819_front.jpg?v=1789968379","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789375437819","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}