{"product_id":"9789375438175","title":"मन्नत: भीतर की भीड़ की कविताएँ","description":"मन्नत: भीतर की भीड़ की कविताएँ\n\n“मन्नत: भीतर की भीड़ की कविताएँ” एक भावनात्मक और आत्मनिरीक्षण की यात्रा है। यह संग्रह कविताओं का आईना है, जिसमें लेखक रोहन श्रीवास्तव ने समाज, जीवन, रिश्तों और अपनी यादों के अनुभवों को पिरोया है।\n\nयह किताब आपको हँसी, आँसू, आशा और कभी-कभी निराशा के उन पलों से रूबरू कराती है, जिन्हें हम अक्सर अपने भीतर छुपा देते हैं। हर कविता पाठक को सोचने और अपने भीतर झाँकने पर मजबूर करती है।\n\nयदि आप जीवन के छोटे-छोटे अनुभवों, समाज की सच्चाईयों और भीतर की भीड़ की आवाज़ों को महसूस करना चाहते हैं, तो यह किताब आपके लिए है।\n\nशब्दों के आईने में खुद को देखें, और अपने अनुभवों से जुड़ें।","brand":"रोहन श्रीवास्तव","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026650693703,"sku":"9789375438175","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789375438175_front.jpg?v=1785493331","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789375438175","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}