{"product_id":"9789376422920","title":"अंतर्नाद","description":"'अंतर्नाद' मन के भीतरी अंतर्द्वंद्व, अनकही संवेदनाओं और जीवन-दर्शन का एक ख़ूबसूरत काव्यात्मक दस्तावेज़ है। जब बाहर की दुनिया में संवाद कठिन हो जाता है और ख़ामोशी गहराने लगती है, तब जो आवाज़ हृदय की गहराइयों से स्फुटित होती है—वही इस संग्रह का मूल स्वर है।\n\nमिर्ज़ा ग़ालिब की रवायत, आत्म-सम्मान की तल्ख़ी और निस्वार्थ प्रेम के भावों को समेटे हुए, चन्द्र शेखर तिवारी की यह पहली काव्यात्मक कृति कविताओं और ग़ज़लों का एक मर्मस्पर्शी संगम है। यह पुस्तक केवल शब्द नहीं, बल्कि हर उस संवेदनशील दिल का आईना है जो मौन के पार भी एक सच्चा 'नाद' सुन सकता है।","brand":"चन्द्र शेखर तिवारी","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":48950642901063,"sku":"9789376422920","price":2.1,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789376422920_front.jpg?v=1790333064","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789376422920","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}