{"product_id":"9789376423255","title":"त्रिमंदी अंखी, वाहंदे हंझू","description":"त्रिंमदी अंखी, वाहंदे हंझू केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि हमारी पूज्य पूर्वजों की भाषा सराइकी को जीवित रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का एक निष्ठावान प्रयास है। इस पुस्तक की हर रचना में छलकती हुई आँखों की वेदना, जीवन के अनकहे संघर्ष और अपनी जड़ों से जुड़ाव का मर्म स्पष्ट रूप से महसूस होता है। अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समर्पित यह पुस्तक पाठक को सीधे भावुकता और आंचलिक यथार्थ से जोड़ती है। यह हर उस पाठक के लिए एक अनमोल सौगात है जो अपनी पूर्वजों की बोली और कविता में ढले निष्छल जज्बातों को महसूस करना चाहता है।","brand":"देवकी नंदन वलेचा","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":49831840284743,"sku":"9789376423255","price":2.09,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789376423255_front.jpg?v=1792481162","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789376423255","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}