{"product_id":"9789376429141","title":"इतना ही काफ़ी है मुझे","description":"एहसास ऐसे होते हैं, जो कभी शब्द नहीं बन पाते। वे दिल के किसी कोने में ख़ामोशी से बस जाते हैं—कभी याद बनकर, कभी मुस्कान बनकर, तो कभी एक अनकहे दर्द की तरह।\nयह कविता-संग्रह उन्हीं अनकहे जज़्बातों की अभिव्यक्ति है। इन पन्नों में प्रेम है, विरह है, उम्मीद है, रिश्तों की उलझन है, आत्मसंवाद है और जीवन के वे छोटे-छोटे पल हैं जो हमें भीतर तक बदल देते हैं।\nहर कविता किसी न किसी भावना का आईना है—कभी अधूरे ख़्वाबों का, कभी बिछड़ते रिश्तों का, कभी ख़ामोश इंतज़ार का, तो कभी ख़ुद को फिर से खोज लेने का।\nयदि आपने कभी किसी को बिना कहे चाहा है, किसी याद को वर्षों तक अपने साथ रखा है, या भीड़ में भी अकेले होने का एहसास जिया है, तो संभव है कि इन कविताओं में आपको अपनी ही कहानी की झलक मिले। यह संग्रह केवल पढ़ने के ल","brand":"Rutika Chandvilkar","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43116467159111,"sku":"9789376429141","price":2.1,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789376429141_front.jpg?v=1787284509","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789376429141","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}