{"product_id":"9789376668342","title":"जो देखा, जो दिल में रहा","description":"कुछ चीज़ें हम देखते हैं, कुछ महसूस करते हैं और कुछ मन में ही रह जाती हैं—अनकही, अनसुनी।\n‘जो देखा, जो दिल में रहा’ उन्हीं देखे और महसूस किए गए पलों की काव्यात्मक यात्रा है। इसमें बचपन की मासूम यादों से लेकर बदलते रिश्तों तक, माँ-पिता के त्याग से लेकर भाई-बहन के स्नेह तक, स्त्री के स्वाभिमान और अपने लिए आवाज़ उठाने के साहस से लेकर पुरुष की सच्ची गरिमा, चरित्र और मर्यादा तक—भावनाओं और विचारों के अनेक रंग समाए हैं।\nकहीं सवाल हैं, कहीं खामोशियाँ, कहीं रिश्तों की सच्चाई और कहीं वे एहसास, जिन्हें शब्द मिलना बाकी रह गया। इन कविताओं में जीवन को केवल देखने की नहीं, बल्कि उसके भीतर छिपे मनुष्य और उसके भावों को समझने की कोशिश है।","brand":"पल्लवी कुमारी","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":45838136344647,"sku":"9789376668342","price":2.63,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9789376668342_front.jpg?v=1789984473","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9789376668342","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}