{"product_id":"9798898651848","title":"सावन ऋतु कितनी बूँदें","description":"रेखा मेहरा को लिखने पढ़ने का शौक़ बचपन से था। ख़ाली समय में विचारों को डायरी में\nलिखना शुरु किया, परिवार, मित्रों ने प्रोत्साहित किया, सन २०२१ में पहला काव्य संग्रह\nज़िन्दगी तेरी घूप छाँव प्रकाशित हुआ । सावन ऋतु कितनी बूँदें मेरा दूसरा काव्य संग्रह है \nलगता है इस सावन आकाश से, केवल बूँदें नही, कहानियाँ भी बरसी। \nसावन ऋतु कितनी बूँदें में २१ कविताएँ है। कुछ माँ पिताजी की यादों से \nजुड़ी। कुछ बरसात में भीगी, बदलते मौसम और ज़िंदगी के उतार चढ़ाव, लिए\nकविता ख़ुद ब खुद चली आती है। उसे बुलाना नहीं पड़ता।\n\n","brand":"रेखा महरा","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026234212423,"sku":"9798898651848","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9798898651848_front.jpg?v=1785489072","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9798898651848","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}