{"product_id":"9798900812441","title":"स्वीकार किया","description":"आखिर तुम अपनी आभा के जिर्ण हुए वस्त्र हटाने का फ़ैसला करते हो,एक पूर्ण हुई प्रक्रिया प्रति आभार जताते हो.\nस्वीकार करते हो कि न जाने कितने युग, सदियाँ और जन्म मरण कि प्रस्तावना ने अपने भाव और प्रभाव से, उनमे रंग भरे थे. उनके विश्वास, अविश्वास से तुम्हारी आभा के सारे अणु जुड़े हुए थे, सितारों के न्यायालय में तुम्हारे नाम कि तारीखे पड़ी थी. उन सारी तारीख पे हाजिर होकर तुमने न्याय प्रति सन्मान जताया था. दो हाथ जोड़कर अपने हिस्से के न्याय का स्वीकार किया था.\nअब तुमने अपनी शुद्धता प्रमाणित कर दी इसलिए न्यायालय से परितोषिक लेने बुलावा भेजा जाता है\nवहाँ तुम जिर्ण वस्त्र पहनकर अभिवादन स्वीकार करने नहीं जा सकते इसलिए उसे त्याग करते हुए,नये वस्त्र धारण किये सन्मान लेने प्रस्तुत होते हो.","brand":"Manisha keshav","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":43026468667463,"sku":"9798900812441","price":16.0,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/9879\/0215\/files\/9798900812441_front.jpg?v=1785490876","url":"https:\/\/books.bookleafpub.com\/products\/9798900812441","provider":"BookLeaf Bookstore International","version":"1.0","type":"link"}