Skip to product information
1 of 2

चाँद हुआ पागल

चाँद हुआ पागल

Regular price $16.00 USD
Regular price Sale price $16.00 USD
Sale Sold out
Tax included.
इस पुस्तक में कुछ गीत और कुछ ग़ज़लें शामिल की गई हैं , जो समाज के पारिवारिक, सामाजिक और राजनैतिक जीवन से ली गई हैं। पुस्तक की रचनाओं में व्याकरण के फॉर्मूलों का प्रयोग नहीं किया गया है-अर्थात इन्हें "व्याकरण से परे" रखकर लिखा गया है - "हर बहर को बहुत ही मनाना पड़ा काफ़ियों से भी हमको निभाना पड़ा कुछ रदीफ़ो से मिन्नत बहुत की मगर व्याकरण से परे,हमको जाना पड़ा"

SKU:9789372136975

View full details